[संगीत] नवंबर का महीना आ गया है। सर्दियां दरवाजे पर दस्तक दे रही हैं। सड़कें कोहरे की चादर ओढ़कर सोती हैं। सुबह की चाय में चीनी थोड़ी ज्यादा होती है। सूरज खिड़की से दबे पांव आता है। धूप हौले से तुमको जगाती है। वो लड़की जो याद आई नहीं अरसों से वो फिर से याद आ जाती है। [संगीत]

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