तो आज तो सुबह-सुबह दोस्तों इतना ठंडा हो रहा था कि मैं दुपट्टा ओढ़ आड़ के आ गई थी अपने टेरेस गार्डन में और आज अपने साथ लेके आई थी मैं राख। तो आज बहुत सारे काम करने थे मुझे टेरेस गार्डन में। सबसे पहले तो मैंने देखिए यह जुकनी का फ्लावर और यहां पे मैंने जो छोटी पोलिनेट करी थी जुकनी वो थोड़ी-थोड़ी बड़ी होने लग गई है। और इसमें खिला था मेल फ्लावर। फिर मैंने देखा दूसरी जगह वहां क्या हो रखा है। वहां देखा यहां पे मेरा फीमेल फ्लावर खिला हुआ था जुकनी का। तो यह देखिए और यह जो मैंने पोलॉलिनेट किया था ना यह भी अब बड़ा होने लगा है और यह जुकनी का फीमेल फ्लावर आप देख सकते हो। तो फिर क्या है दोस्तों मैंने दो प्लांट लगा रखे हैं अपने जुनी के तो मेरे को इसमें दिक्कत नहीं होती है। कभी भी किसी में भी फ्लावर खिल जाता है तो मैं पॉलिनेट कर लेती हूं। तो यहां इसी तरीके से मैं करने लग गई थी। पहले वाले में लगा था मेरा मेन फ्लावर तो मैंने इसे तोड़ लिया और इस तरह से यह देखिए कुछ इस तरह से दिखता है। उसके बाद दूसरी जगह आ गई थी मैं और यहां पे इसको पोलॉलिनेट करने लगी थी। उसके बाद दोस्तों मेरी जुकनी धीरे-धीरे बड़ी हो रही थी। तो मैंने क्या किया? अपने ग्रो बैग को जुकनी के नीचे दबा दिया ताकि जुकनी को बढ़ने में कोई प्रॉब्लम ना हो।

1 Comment

Pin