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आज है 23 नवंबर 2025 हफ्ता वार वेजिटेबल गार्डन की अपडेट। मैं ज्यादा बोल नहीं पाऊंगा क्योंकि जुकाम भी है, गला भी खराब है। इसलिए वीडियो ज्यादा लंबी नहीं कर पाऊंगा। मेरी रिक्वेस्ट है कि जब से मैंने अपना वेजिटेबल गार्डन की अपडेट देना वीकली बेस पर शुरू किया है, आप पहले वाला पार्ट देख लें ताकि आपको मोटिवेशन मिल जाए कि पौधे कितने छोटे थे और अब देखिए माशा्लाह पौधे कितने बड़े हो गए हैं। जब इस तरह की चीजें हम देखते हैं ना तो फिर हमारे अंदर भी जोश पैदा होता है। अगर आप नाकाम भी होते हैं लेकिन आपको मोटिवेशन मिलती है कि अरे यह कर सकता है तो हम क्यों नहीं कर सकते? यह कौन सा मां के पेट में सीख कर आया? इसी दुनिया में आया। इसी दुनिया में देखतेदेखते सब कुछ सीख गया। तो आप भी सीख सकते हैं। अगले हफ्ते मैं टैगिंग कर दूंगा हर वेजिटेबल के साथ जो जो मैं उगा रहा हूं ताकि आपको यह भी साथ में मेंशन कर दिया करूं कि कौन सी सब्जी किस तारीख को किस महीने में लगाई थी ताकि आपको यह भी अंदाजा हो जाया करे कि इतने दिन या इतने हफ्ते हो गए हैं पौधे लगाए हुए और उनकी ग्रोथ कैसी चल रही है। अब यह मेरा गार्डन दागों वाला गार्डन बनने वाला है। मतलब रस्सियां ही रस्सियां बांध दी है मैंने। हो सकता है कैमरे में सही से नजर ना आ पा रहा हो आपको। हर टमाटर के पौधे के साथ में एक रस्सी मैंने बांध दी है। क्योंकि टमाटर के पौधे लचकीले होते हैं। थोड़े से बड़े होने पर अगर इनको सपोर्ट ना मिले तो यह गिर जाते हैं। और यह भी साथ में बता दूं टमाटर के नीचे वाले पत्ते और सकर्स आपने काटते रहना है। जैसा कि आप यह देख सकते हैं। मैंने नीचे वाले पत्ते भी काट दिए हैं। और जो सकर्स निकलते हैं ना उनको भी हमें काटना पड़ेगा। यह शकर इसको कहते हैं। यह जो पत्ते के बीच में से एक निकल आता है ना टहनी इसको हमने तोड़ देना है। हमने टमाटर के ऊपर वाले पौधे की अच्छी ग्रोथ लेनी है। नीचे से कोई टहनी को बाहर निकलने ही नहीं देना। अगर आप अच्छे तरीके से हेल्दी टमाटर हासिल करना चाहते हैं तो। तो रस्सी बांध दी है। जैसे-जैसे यह बड़े होते जाएंगे, वैसे-वैसे यह ऊपर चढ़ते जाएंगे। ऊपर वाली शूट हमने तोड़नी नहीं है। जैसे यह नई टहनी निकल रही है, इसको हमने तोड़ना नहीं है। बल्कि यहीं से यह पौधा बड़ा होगा। और अगर इस पत्ते में से अभी दिखाता हूं शायद कोई और शकर भी निकला हो। यह देखिए यह कितना बड़ा पौधा हो गया। इस इसके सकर्स और नीचे से पत्ते मैंने सारे काट दिए हैं। यह देखिए यह है शक्कर। यह पत्ते के साथ जो टहनी निकल रही है यह शक्कर है। इसको हम चाहे इसके ऊपर टमाटर ही क्यों ना लग जाएं लेकिन हम इसको नहीं रहने देंगे। नहीं तो यह हमारे पौधे की ताकत को खींच लेते हैं। अब यह इसकी असली टहनी है। यहां से यह पत्ते निकल रहे हैं आगे। और यह जो फूलों का गुच्छा लग गया है, यह टमाटर हम बड़े होने देंगे। और जैसे-जैसे यह ऊपर से बड़ी होती जाएगी टहनी, वैसे-वैसे फूलों के गुच्छे भी लगते जाएंगे। तो सारे टमाटर के पौधों के साथ कुछ यूं ही मैंने किया। रस्सियां बांध दी हैं। आने वाले टाइम में माशाल्लाह इतने यहां पर पौधे बड़े हो जाएंगे कि हमें गमले और इधर-उधर की क्या देखने पर सही से नजर नहीं आ पाएंगी। पत्ते ही इतने होंगे और टमाटर भी इतने होंगे माशाल्लाह। चलिए शुरू करते हैं। ज्यादा मैं टिक नहीं पाऊंगा। कुछ दिन पहले मैंने लाइट वेट सोइल के अंदर पॉटिंग सोइल के अंदर टमाटर के पौधों को ट्रांसप्लांट कर दिया है। यह खाने वाले टमाटर जो नॉर्मल टमाटर होते हैं ना हमारे घरों में यह वो वाले हैं। इसके अंदर मिट्टी का एक जर्रा भी नहीं है। राइस हस्क ऐश कोकोपीट राइस हस्क है कुछ यानी चावल के छिलके हैं। कुछ इसके अंदर कुछ चूना है। कुछ लकड़ी की राख है। कुछ इस तरह का मटेरियल बनाकर मैंने रेशियो के ऊपर आपने नहीं जाना। देखिए रेश्यो में आप कोकोपीट का ज्यादा इस्तेमाल भी कर सकते हैं। राइस हस्क ऐश उसका भी ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। बस क्या ज्यादा चीज इस्तेमाल नहीं करनी होती वो है खाद यानी कंपोस्ट। चाहे वो गाय का गोबर हो, चाहे वो किसी भी टाइप की कंपोस्ट हो। उसका सिर्फ एक हिस्सा ही हमने मटेरियल में मिक्स करना है। बाकी कोकोपीट जितनी मर्जी इस्तेमाल करें। राइस हस्क जितने मर्जी इस्तेमाल करें। राइस खास यानी छिलके जो है ना चावल के वो हम इसलिए मिक्स करते हैं लाइट वेट सोइल के अंदर ताकि मिट्टी में एरेशन बना रहे। यह जो सॉफ्ट सोइल होती है ना बिल्कुल नरम कोकोपीट टाइप जो मिट्टी होती है इसमें जब हम पानी देते हैं तो ऊपर वाली सतह बिल्कुल बाउंड हो जाती है। नीचे एरेशन नहीं हो पाता जिस वजह से फंगस लगने का खतरा और भी बढ़ जाता है। तो कोई ऐसी चीज भी तो हमें डालनी चाहिए जिसकी वजह से मिट्टी थोड़ी ऊपर नीचे रहे। जिस वजह से हवा नीचे वाले लेवल पर पहुंचती रहे। तो यहां पर भी कुछ मैंने पौधे शिफ्ट कर दिए हैं। दो यहां पर लगा दिए गमले और बाकी मैंने दूसरे टेरेस पर लगाए हैं। वहां पर वहां पर भी चलते हैं। कोलराबी के देखिए एक पौधा ही हमारा इस गमले के अंदर चल पाया है। अब इसने अपना आप दिखाना शुरू कर दिया है। यह देखिए यहां से एक राउंड सा बन रहा है। कोलराबी एक फल है। एक सब्जी है वो उगना शुरू हो रही है। कुछ इस तरह की वो बन जाएगी जब वह बड़ी होगी। बिल्कुल बंद गोभी जैसे होती है ना गोभी की ही फैमिली से है यह। इस कैरी के अंदर पौधे की ज्यादा अच्छी ग्रोथ है क्योंकि यहां पर एक वाइड एरिया मिल गया है उसको। इनेशन भी बहुत अच्छा होता है। पानी होल्डिंग भी काफी अच्छी होती है। यानी जमीन का इंपैक्ट यहां पर मिल रहा है। साथ में चुकंदर के पौधे भी अब बड़े होना शुरू हो गए हैं। और अब सिर्फ एक ही पौधा एक ही जगह पर रहेगा। बाकी जितने भी पौधे एक्स्ट्रा होंगे ना उनको मैं निकाल दूंगा। क्योंकि अगर दोनों ही यहां पर पौधे चुकंदर के या प्याज के इस तरह की ग्रोथ करते रहे तो फिर राउंड किसी का भी सही से बन नहीं पाएगा। इसलिए हमें एक पौधा ही एक जगह पर रखना पड़ेगा। सलाद पत्ता जो लाल रंग वाला है उसकी ग्रोथ माशा्लाह अब बढ़ना शुरू हो चुकी है। पूरी लाइन देखिए कितनी खूबसूरत लग रही है। और साथ में ब्रल स्प्राउट के पौधे ट्रांसप्लांट कर दिए थे। अब यह भी बड़े हो रहे हैं। कितनी खूबसूरत अंदाज से अपने पत्ते निगाल रहे हैं। और साथ में प्याज की पनीरी मैंने शिफ्ट कर दी थी। ट्रांसप्लांट कर दी थी। अब इसकी लाइन भी काफी खूबसूरती से बढ़ रही है। एक लाइन तो मैंने यहां पर लगा दी थी और एक लाइन हमारी दूसरी क्यारी में लगाई हुई है। यह बाद में लगाई थी मैंने और यह वाली पहले लगाई थी कुछ दिन पहले। अगले हफ्ते मैं टैगिंग सों में कर दूंगा ताकि वीडियो में ही साथ-साथ में टैग आपको दिखाता रहूं कि कौन से महीने की, किस तारीख को क्या लगाया था। स्ट्रॉबेरी की रूट्स भी लगाई थी। इनकी ग्रोथ शुरू हो चुकी है। पत्ते निकलना शुरू हो चुके हैं। यह पत्ता नया आया है और यह भी पत्ता नया है। नया पत्ता और भी निकल रहा है बीच में से। तो इसी तरह सारे पौधों की ग्रोथ आहिस्ता-आहिस्ता से बढ़ना शुरू हो चुकी है। कैरी का यह मजा है। और क्यारी के अंदर मैंने जो मटर का पौधा यहां पर लगा दिया था ना ट्रांसप्लांट कर दिया था। उसके साथ ही मैंने धागा बांध दिया है। और देखिए इसके ऊपर कली भी लगना शुरू हो चुकी है और फूल भी खिल जाएंगे। पौधे की ग्रोथ अच्छी चल रही है थोड़ी वाइड एरिया में और ब्रोकली के पौधे भी अपने पांव पर खड़े हैं। यह वाला पौधा एक साइड पर झुक रहा था। तो इसके साथ मैंने स्टिक लगाकर इसको बांध दिया है। सहारा मिल गया है ताकि पौधा एक साइड पर गिरे नहीं। और उसके साथ लहसुन के पौधे लगाए थे। लहसुन के पौधे भी अब बड़े होना शुरू हो गए हैं। देखिए। लेकिन इन चीजों को फुल धूप की जरूरत होती है। अगर इनको प्रॉपर धूप मिलेगी तो ही इन सब्जियों की अच्छी ग्रोथ होगी। अगर आपके पास धूप नहीं है तो फिर इस तरह की सब्जियां लगाना काफी मुश्किल हो जाएगा। लाल मूली दिखाता हूं। अब लाल मूली बड़ा होना शुरू हो चुकी है। जो जड़ मिट्टी से बाहर थी अब वो मिट्टी के अंदर जा रही है। यह देखिए बाहर से ही मूली बनना शुरू हो गई। तो जो प्रॉपर तरीके से लगी थी यानी कि यह वाली इसमें सही मूली बनेगी और हो सकता है कि लंबी मूली भी बन जाए। मिट्टी के अंदर क्रैक आ रहा है क्योंकि इसकी रूट फूल रही है ना और फूल कर ही यह मूली की सूरत लेगी। तो यह जल्दी ही हार्वेस्टिंग के काबिल होने वाली है। और जो काली मूली लगाई थी हमने गोल राउंड शेप में होती है। उसका अभी कोई सिम्टम हमें दिखा नहीं है। लेकिन वो भी जल्दी ही रेडी हो जाएगी। वो भी सारी मिट्टी के अंदर बन रही होगी। और यह जो वाइट-वाइट सा आप देख रहे हैं ना, यह इसकी नई जड़े आने की निशानी है। सफेद जड़ का मतलब होता है कि पौधे की ग्रोथ बहुत अच्छी चल रही होती है। और पौधा खुराक इन सफेद जड़ों से ही लेता है। काली जड़ों से वह खुराक नहीं ले पाता। तो सफेद जड़े इस तरह बढ़ानी है मिट्टी के सरफेस के ऊपर मिट्टी के अंदर तो हमारी मिट्टी के अंदर ऑर्गेनिक मैटर बहुत ज्यादा अच्छा होना चाहिए और बायोलॉजिकल प्रॉपर्टी हमारी मिट्टी की अच्छी होनी चाहिए। यानी इसके अंदर बेनिफिशियल बैक्टीरिया और फंगस भी होना चाहिए ताकि उसी की वजह से मिट्टी नरम होती है और इस तरह रूट्स फैलती हैं। यह माइकोराइजा फंगस होता है उसके होने की निशानी है। और जो एक्सपेरिमेंट के लिए मैंने कुछ बीज यहां पर डाले थे गमले के अंदर क्योंकि मूली में अक्सर यह प्रॉब्लम होती है गाजर में और शलजम में कि पौधा बड़ा हो जाता है। जिस तरह मैंने अभी दिखाई आपको, मूली सही से बन नहीं पाई क्योंकि वो एरिया जो मिट्टी के अंदर होना चाहिए था वो मिट्टी से बाहर रहा। तो मूली या फिर कोई फल सही बन नहीं पाता और पौधा जो मिट्टी के अंदर सही से फिट हुआ होगा जिस तरह यह सेंटर वाला पौधा आप देख रहे हैं यह बिल्कुल सही फिक्स हुआ है। तो इसके नीचे सही से फल भी बन पाता है। तो एक्सपेरिमेंट के लिए मैंने यहां पर गमलों को लगा दिया और इनके अंदर बीज डाले और हर बीज को आधा-आधा इंच मिट्टी के नीचे दबा दिया। जब वो जर्मिनेट हुए तो भी वह पौधे लंबे हो गए और एक साइड पर गिरने लगे, झुक गए। फिर मैंने दो-दो इंच मिट्टी इनके तनों के साथ चढ़ा दी। तो तनों के साथ मिट्टी चढ़ाने की वजह से क्या हुआ? क्योंकि ये नरम-नरम कोमलम कोमल सी टहनियां होती हैं। तो वो एरिया जहां पर मिट्टी लगी वो ग्रीन एरिया था। नाजुक था तो वो वहां से गलना शुरू हो गया। देख सकते हैं आप, यह एरिया ही हिस्सा ही गल गया। तो बीज को 1/2 इंच मिट्टी के अंदर दबाएं या फिर बिल्कुल हल्का सा कवर करें। नो मैटर। बस सबसे ज्यादा जरूरी क्या चीज है? सब्जी वाले बीज लगाने के लिए कि उनको फुल धूप मिलनी ही चाहिए। तभी पौधों की ग्रोथ अच्छी होगी और वह पौधे अपने पांव पर खड़े रहेंगे। मिट्टी से फिल करने से वह रिजल्ट नहीं मिलेगा जितना कि सूरज की धूप की वजह से मिलेगा। पौधा जैसे ही बीज से बाहर निकलता है और जमीन के अंदर से बाहर निकलता है तो फरी तौर पर उसको धूप मिलने लगती है तो फिर पौधा अपने पांव पर शुरुआती दिनों में ही खड़ा हो जाता है तो पौधे की ग्रोथ अच्छी चलती है और फल भी बनना शुरू होता है तो यह वाला एक्सपेरिमेंट बिल्कुल फेल रहा इंच मिट्टी के अंदर भी बीज दबाने की वजह से बीज उग तो गए बाहर भी निकल आए लेकिन फिर भी उनकी स्टेम काफी लंबी हो गई थी झुक रही थी तो मैंने तकरीबन 1ढ़ से 2-2 इंच मिट्टी के अंदर इनको दबा दिया ताकि पौधे अपने पांव पर खड़े रहे। लेकिन कुछ पौधे तो खड़े हो गए लेकिन काफी सारे पौधे हमारे मिट्टी लगने की वजह से वहां से गल गए। और अभी भी इनका झुकाव देख सकते हैं। हमारे लेफ्ट साइड पर ही चल रहा है। क्योंकि वहां से ही सूरज की रोशनी आ रही है। धूप आ रही है। तो सब्जी वाले पौधे गर्मी के दिनों के हो या फिर सर्दी के दिनों के हो उनको प्रॉपर रोशनी की जरूरत होगी। तभी उनकी अच्छी ग्रोथ और फल हम ले पाएंगे। और कुछ चेरी टोमेटोज़ हमारे अब बड़े हो रहे हैं। देखिए पार्ट वन में आप देखेंगे इस वीडियो के एंड में वो वाली वीडियो लगा दूंगा। आप देख लीजिएगा ताकि आपको पता चल जाए। पहले ये कितने छोटे थे और अब माशा्लाह देखिए इतने बड़े हो गए हैं कि इनके साथ हमें धागा बांधना भी पड़ गया ताकि यह पौधे एक साइड पर झुक ना जाए, गिर ना जाए। सभी पौधों की ग्रोथ अच्छी है। खूब मजे में हैं यह। नीचे वाले सारे पत्ते मैं तोड़ता रहता हूं। शुरू से ही सफाई का ख्याल रखेंगे। पौधे की कटाई का ख्याल रखेंगे तो कीड़ों के हमले कम होंगे। जितने पौधे के ऊपर पत्ते ज्यादा होंगे कीड़ों के हमले भी तो उतने ही होंगे और फिर जब कीड़ों के हमले होना शुरू हो तो फिर वह बढ़ते ही जाते हैं। तो इस तरह नीचे वाले पत्ते तोड़ देने की वजह से कीड़ों का हमला भी काफी हद तक कंट्रोल में रहता है। ऑर्गेनिकली हम इनको कंट्रोल कर सकते हैं। और इस कैरी के अंदर प्याज है और यहां पर हमने पाकचोए के पौधे ट्रांसप्लांट कर दिए थे। पूरी लाइन में अभी तो यह बहुत छोटे देखने पर नजर आ रहे हैं। लेकिन आने वाले टाइम में एक महीने के अंदर-अंदर देखिएगा कितने बड़े हो जाएंगे ये और इसके साथ बंद गोभी के पौधे भी ट्रांसप्लांट कर दिए थे। अब यह भी पूरी लाइन लगी हुई है। छ से 7 इंच के फासले पर एक-एक पौधा मैंने ट्रांसप्लांट किया है। यह भी बड़े हो ही जाएंगे। और कुछ मैंने वैरायटीज लगाई हैं इनडिटरमिनेट टोमेटोज़ की। यह रहा बेल वाला टमाटर। एक पौधा यह है और इसके साथ और भी पौधे लगे हुए हैं जो कि नॉर्मली बुशी टाइप होंगे। यह फल देंगे जाड़ीदार पौधा बनाकर और यह वाला पौधा फल देगा हमें बेल की तरह लंबा होकर। हर संडे की वीडियो में आपको यह मैं शो करवाता रहूंगा ताकि आप लोगों को पता चलता रहे और फिर आप भी डिसाइड कर सकें कि इनटर्मिनेट वैरायटीज लगानी है या डिटरमिनेट। तो पौधे को आसानी के साथ संभालने के लिए हम जाड़ी वाला पौधा ही लगाते हैं जिसकी हाइट ज्यादा नहीं होती। यही 3.5 या मैक्सिमम 4 फुट तक हाइट उसकी जाती है और उसके बाद वह पौधा बुशी बनना शुरू हो जाता है। लंबी बेल नहीं बनती। तो बेल वाले पौधे मैंने यहां पर इसलिए लगा दिए हैं क्योंकि यह वाले पौधे तो बुशी होंगे। 3 सा 3 फुट हाइट होगी इनकी और यह जो बेल वाले पौधे हैं ना यह लंबे हो जाएंगे। 7 8 फुट ऊपर बेल चढ़ जाएगी। तो इनके साथ भी रस्सियां बांधूंगा और ऊपर हुड के साथ बांध दूंगा। हर पौधा फल दे रहा होगा। नीचे नीचे बुश वाले पौधे जिनकी हाइट कम होती है वो फल दे रहे होंगे और ऊपर सूरज की धूप रोशनी मिल रही होगी बेल वाले टमाटर को और यहां पर लहसुन लगा दिया मैंने देसी वाला पिछले संडे को मैंने यह कहा था कि अगले संडे तक यह माशा्लाह दो से 3 इंच के तो हो ही जाएंगे तो यह आई थिंक तीन से 4 इंच की टहनियां इन्होंने निकालना शुरू कर दी हैं। इसी तरह बढ़ते हैं जनाब बस सब्र रखना पड़ता है और सबसे ज्यादा जो पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है ना वह होती है गोडी करने की वजह से। हर तीन से चार दिन के बाद गोटी करें आप क्योंकि घरों में गमलों के अंदर मिट्टी भरकर पौधे लगा देंगे, पानी देंगे तो मिट्टी कॉम्पैक्ट हो जाएगी। चाहे वह नरम ही क्यों ना हो लेकिन ऊपर वाला हिस्सा एक लेयर आ जाएगी जिसकी वजह से ऑक्सीजन मिट्टी के नीचे नहीं जा पाएगी। तो हमें थोड़ी-थोड़ी सी घोड़ी करना पड़ती है। इस क्यारी के अंदर मैंने सारे वो पौधे लगा दिए हैं जो कि रंग बिरंगे टमाटर देंगे। कौन से पौधे को कौन से कलर का टमाटर लगेगा यह तो हमें वक्त बताएगा जब यह पौधे बड़े हो जाएंगे। लेकिन पौधे अब स्टेबल हो चुके हैं। आने वाले दिनों में यह बड़े भी होंगे। और यहां पर धनिया भी मैंने लगा दिया। तीन दिन पहले धनिया को उखाड़ा। अपनी मेन क्यारी जो कि दूसरे टेरेस पर है वहां से उखाड़कर यहां पर लगा दिया। और एक पौधा यहां पर लगा दिया। और इसके साथ ही तीन दिन पहले मैंने प्याज लगा दिया। मैंने पिछले संडे आपको दिखाया था ना यहां पर एक प्लेट रखी थी। उसके अंदर प्याज का नीचे वाला हिस्सा जो फेंक देते हैं काटकर वह रखा था जड़ वाला। तो उसने अब जड़े पकड़ ली थी। तो उनको मैंने यहां पर शिफ्ट कर दिया है। अब यहां पर प्याज बनना भी शुरू हो जाएंगे। पांच पौधे मैंने यहां पर शिफ्ट किए हैं। हर किसी की ग्रोथ अब बढ़ना शुरू हो चुकी है। और चुकंदर के पौधे भी अब मैंने अलग-अलग करके लगा दिए थे। और दो-दो पौधे लगे हुए कल ही मैंने एक्स्ट्रा जितने भी पौधे थे सभी को निकाल दिया है। एक-एक पौधा अपनी-अपनी जगह पर बिल्कुल अच्छे से लाइनों में लगा हुआ है और अपने पांव पर खड़ा भी है और और दूसरे डब्बे के अंदर भी कुछ यूं ही है। जो मिट्टी मैंने ज्यादा छान कर भरी थी उसके अंदर पौधे की ग्रोथ अच्छी चल रही है और जो पुरानी मिट्टी थी जिसके अंदर कोयले भी हैं जिसके अंदर पम्म स्टोन भी हैं जिसके अंदर कुछ बजरी के टुकड़े भी होंगे। उसकी ग्रोथ आप देख सकते हैं इतनी अच्छी नहीं चल रही। तो साफ सुथरी मिट्टी, ऑर्गेनिक मिट्टी, पत्थरों के बगैर मिट्टी घरों में गमलों के अंदर भरकर सब्जियां लगाने के लिए बहुत अच्छी है। और साथ वाले डब्बे के अंदर भी टोमेटो ही लगे हुए हैं। वो भी पौधे अब बड़े हो गए हैं। हर पौधे के साथ मैंने रस्सी बांध दी है। मूंगरे के पौधे मैंने काफी हद तक यहां से निकाल दिए क्योंकि ज्यादा स्पेस नहीं थी इस गमले के अंदर। तो मैंने सिर्फ छह-सात पौधे रखे हैं। वह भी नहीं होने चाहिए। इतने कम होने चाहिए। एक या दो पौधे होने चाहिए। लेकिन मेरे पास स्पेस नहीं है। मैंने मैंने सिर्फ मोटिवेट करने के लिए आपको वीडियो अलग से बनानी होती है इनके ऊपर। एक पौधा लगाऊं या 10 पौधे लगाऊं। बस आपको रिजल्ट दिखाना होता है मैंने ताकि आप लोगों को यह यकीन हो सके कि घरों में हम भी सब्जियां उगा सकते हैं। सलाद पत्ता का भी यह गमला है। अब सलाद पत्ता गमले के अंदर भी बड़ा होना शुरू हो गया है और साथ वाले में भी लहसुन लगाया हुआ है। यह पुरानी मिट्टी जिसमें कोयले, पत्थर, बजरी वगैरह भी मिक्स है। छनी हुई मिट्टी नहीं है यह। तो इसके अंदर भी लहसुन की ग्रोथ हो रही है। चलिए दूसरे टेरेस पर चलता हूं। लेकर बहुत कुछ था दिखाने के लिए लेकिन ज्यादा देर के लिए मैं नहीं बोल पाऊंगा। यह मैंने बस बता दूं मटर के जो पौधे थे ना यहां पर मैंने उनको रस्सियों के साथ बांध दिया है। क्योंकि मटर के पौधे एक साइड पर गिर रहे थे। रस्सियां तो मैंने बांधी नहीं थी। इसलिए मेरे पास एक ट्रेलिस पड़ा हुआ था। को यहां पर मिट्टी में गाड़ दिया और साथ में टहनियों को रखा और धागों की मदद से इनको सपोर्ट देकर यहां पर बांध दिया ताकि इनकी ग्रोथ यहां पर हो सके। देखते हैं क्या होगा और फल लगेगा या नहीं लगेगा। इसको तो एक फूल लगना भी शुरू हो गया है। यह देखिए तो यहां पर एक कली बन रही है। इस टेरेस का भी अपना ही एक व्यू है। अपना ही एक मजा है। सबसे पहले कंपोस्ट जब भी छत के ऊपर आता हूं, चाय की पत्ती, प्याज के छिलके, अंडों के छिलके वो लाता हूं और इस ड्रम के अंदर डाल देता हूं। कल मैंने अपने गार्डन की काफी सफाई भी की। फकस के पत्ते और यह चुकंदर के जो मैंने पौधे निकाले थे अलग-अलग किए थे वो वाले। इसी तरह यह प्याज और लहसुन के छिलके भी जाएंगे इस डब्बे के अंदर। और इसको मैं बंद कर दूंगा। एयर टाइट नहीं करूंगा। थोड़ा सा गैप रखता हूं ताकि हवा की वेंटिलेशन होती रहे। और हमारा जो मेन जिसके ऊपर मैं वीडियो अभी बना रहा हूं वो रहा ये वाला ड्रम। फिर बुध वाले दिन यानी 28 नवंबर वाले दिन मैं इसका पार्ट टू बनाऊंगा और फिर बताऊंगा कैसे इस मटेरियल को हमने बाहर निकालना है। कैसे इसको मिक्स अप करना है और फिर से जो डब्बे के अंदर नया कचरा हम डाल रहे हैं वो वाला कैसे फिल करना है वो वो 28 नवंबर वाले दिन आपको बताऊंगा और यह पॉटिंग सोइल मेरी बन रही है। मिट्टी के बगैर वाली क्योंकि अब मेरे पास मिट्टी खत्म हो गई है। अब गमलों के अंदर सिर्फ और सिर्फ लाइट वेट सोइल ही इस्तेमाल होगी। गमलों के अंदर ऑलरेडी मैंने भर के पौधों को लगा भी दिया है। टमाटर के पौधे हैं यह सभी। तो इनकी ग्रोथ भी इंशाल्लाह यहीं पर होगी और फल भी लगेगा जैसे हर साल लगता है। गाजर के पौधे बहुत बड़े हो गए हैं और नीचे गाजरें बनना शुरू हो भी गई हैं। लेकिन अभी गोभी को कोई फूल नहीं लगा है। पौधे की ग्रोथ हो रही है। लेकिन अभी जो वाइट कलर का फूल होता है ना वह बनना शुरू नहीं हुआ है। वह भी हो ही जाएगा। कितना टाइम लेगा? आखिर तो फूल बनेगा ही गाजर के। देखिए। गाजर के तने हमें नजर आना शुरू हो चुके हैं। गाजरें इसका मतलब बन रही हैं मिट्टी के अंदर। लेकिन यह हार्वेस्टिंग के अभी काबिल नहीं है। बिल्कुल छोटी-छोटी सी है ना। तो यह आने वाले टाइम में यह भी बड़ी हो ही जाएंगी। और यहां पर शलजम के पौधे और बड़े हो गए। और नीचे इसके देखिए शलजम का साइज भी बड़ा होना शुरू हो चुका है। यह देख सकते हैं आप। यह शलजम के राउंड हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे यह रेडी होते जाएंगे, वैसे-वैसे यह मिट्टी से बाहर निकलते आएंगे। वाइट मूली ने अभी अपना अब नहीं दिखाया। सिर्फ पत्तों की ग्रोथ ही हो रही है। जो बिल्ली आकर यहां पर बैठ गई थी ना सिर्फ सिर्फ एक बार बैठी लेकिन उसकी वजह से भी काफी पौधों की ग्रोथ रुक गई थी। पत्ते टूट गए थे। फिर नए सिरे से इनकी ग्रोथ होना शुरू हुई। जबकि मैंने सेम डेट को लगाए थे मूली और शलजम के पौधे। तो शलजम के पौधे बड़े भी हो गए और शलजम बनना भी शुरू हो गए। लेकिन मूली सफेद कलर की अभी तक नहीं बन पाई है। मकई के पौधे भी बड़े हो रहे हैं। लेकिन मकई अभी नहीं लगेगी इनको। जब लगेगी ओवरव्यू में आपको पता चल ही जाएगा। धनिया देखिए माशा्लाह कितना बड़ा धनिया हो गया है। यहां पर क्यारी के अंदर वाइड एरिया होगा पौधे की ग्रोथ अच्छी होगी। छोटा एरिया होगा वहां पर एरेशन बहुत कम होने की वजह से पौधे की ग्रोथ ऑटोमेटिकली बहुत हद तक स्लो हो जाएगी या फिर होगी ही नहीं। तो जितनी ज्यादा चौड़ी जगह हो सके उतना ही पौधों को देने की कोशिश किया करें ताकि पौधों की ग्रोथ अच्छी हो और दूसरे नंबर पर गॉड करना बिल्कुल भी ना भूला करें। गडी अच्छी होती रहेगी। पौधे की ग्रोथ अच्छी चलती रहेगी। बस अभी ओवर में यही अगली वीडियो में मिलेंगे। कल की वीडियो आएगी कबूतर की बीठों की कंपोस्ट टी हम बनाकर कैसे अपने पौधों में डाल सकते हैं। तब तक अपना बहुत सारा ख्याल रखिएगा। खुदा हाफिज। और हां यह अंजीर भी देखिए हमारी पक गई है। यह उतारने के काबिल हो गई है। जब भी मैं आता हूं ना कोई ना कोई अंजीर यहां पर पकी होती है। चलिए इसको मैं तोड़ लेता हूं। यह भी रेड हो रही है। लेकिन अभी थोड़ी नीचे से ग्रीन है। कल तक यह भी रेड हो जाएगी। इसको भी हम उतार लेंगे। तो अपने घर का फल खाने का अपना ही मजा है। खुदा हाफिज। हां।

23 Comments

  1. Salam Izhar bhai get well soon apsy aik sawal ha kai stawberry roots ab nahi grow kary gi Wo kesai pata chalai ga

  2. Assalamualaikum izhar bhai mai india se hu maini apni Ghar pe loki ke paid lgaya hai fruit banta hai layken wo blach ho kar ger jata hai

  3. Good afternoon veerji 🙏🌹❤️ pehle apni health thik hone do veerji… zyada kaam mat karo Allah Pak aapko sada khush te tandrust rakhe… bahut sundar video veerji 👌🙏❤️🌹

  4. قہوے والے سارے پلانٹس لگاو اور دوسرے ہربل بھی۔۔۔ساتھ ساتھ انکا استعمال بھی بتاو۔۔۔جیسے لیمن گراس لگاو بھی قہموہ بھی بناو

  5. اسلام علیکم بھاٸی میں نے آپ کی انگور والی دو سال پرانی ویڈیو دیکھی کیا آپ مجھے انگور کی قلم گفٹ کریں گے؟

  6. Wa alikum mu salam wa rahmat ullah wa barakatuhu izhar bhai.
    Kisi 1 tomato plant k suckers na katyn. Suckers waly plant ko zeyada fruit ata hai. See the difference. 👍

  7. بھائی یہ گوبھی پہلی چار اقسام میں سے ایک ہے
    پھول گوبھی
    بند گوبھی
    ڈنڈا گوبھی
    گنڈھ گوبھی
    یہ جو آپ نے کاشت کی ہے اسے گنڈھ گوبھی کہلاتی ہے اسکو کہلرابی اور فارسی میں کلم سنگ کہتے ہیں

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